क्लासिक दिनों के क्लासिक न्यूज़रीडर्स - एक पुर्नलोकन

By: Deepa, 2016-04-18 04:45:00.0Category:  व्यक्तित्व
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 अगर हम आज news (समाचार) की बात करें तो आजकल ब्रेकिंग न्यूज़ का ज़माना है, ग्लैमरस समाचारवाचक (newsreader ) हैं , चकाचौंध से भरे हुए न्यूज़ स्टूडियोज हैं, दौड़ते भागते न्यूज़ रिपोर्टर्स, चीखते चिल्लाते बहस करते और लड़ते हुए ये समाचार वाचक हमे उन पुराने समाचार वाचकों की याद दिलाते है जो शांत, सौम्य, मोहक आवाज़ वाले होते थे और जो रोज़ हमारे घरों में दस्तक देते थे और देश दुनिया में क्या चल रहा है बता जाते थे| 

जी हाँ यहां  हम बात कर रहे हैं दूरदर्शन के उन समाचार वाचकों की जो अभी भी हमारी सुनहरी यादों में छाये हुए हैं| आइये देखते हैं इन ओल्ड इस गोल्ड कहावत को यथार्थ करने वाले उन शख्शियतों के बारे और वे आजकल क्या कर रहे हैं 

                                                                         

सलमा सुल्तान

1. सलमा सुल्तान - 16 मार्च को जन्मी सलमा सुल्तान ने प्रारम्भ में टीवी पत्रकार के रूप में दूरदर्शन में काम किया I  उन्होंने 1967 से लेकर 1997 तक लगातार 30 वर्षों तक समाचार उद्घोषक के रूप में कार्य किया,  वे अपनी साड़ी को एक विशेष तरीके से पहनती थी और एक गुलाब का फूल अपने बाएं कान के नीचे लगाने के लिए भी प्रसिद्ध थी और ये उनका सिग्नेचर स्टाइल बन गया था I सलमा सुल्तान ने ही 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के प्रथम समाचार अपने दर्शकों तक पहुँचाया|

अपनी अवकाश प्राप्ति के बाद उन्होंने सामाजिक विषयों को लेके दूरदर्शन के लिए कुछ सीरिअल्स का डायरेक्शन अपने प्रोडक्शन हाउस लेंसविेव प्राइवेट  लिमिटिड के अंतर्गत किया इनमे से "पंचतंत्र  से", "सुनो कहानी", "स्वर मेरे तुम्हारे" और  "जलते  सवाल" कुछ उल्लेखनीय नाम हैं I इस समय वो साउथ दिल्ली के जंगपुरा एरिया में रहती हैं I 

                                                                                                               

                                                                   

नीति  रविन्द्रन

2 . नीति  रविन्द्रन -1980 से 1990 के बीच में काम करने वाली नीति  रविन्द्रन की आवाज़ सबको बाँध के रखनर में सक्षम थी| वे अंग्रेजी की समाचार वाचिका थी और उनका अंग्रेजी उच्चारण अत्यन्त अच्छा था जो उनकी प्रसिद्धि का प्रमुख कारण था| 

विदेश मंत्रालय के लिए बनायीं गया वृत्तचित्र "Fifty Years of India's Independence," के पीछे उन्ही की प्रतिभा थी जिसको बादमें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था| आजकल वे वॉइसओवर आर्टिस्ट के रूप में, लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों के निर्माण में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं ||

 

                                                                    

शम्मी नारंग

3 . शम्मी नारंग - शम्मी नारंग ने अपनी दमदार आवाज़ और प्रतिपादन से समाचार वाचन का स्तर काफी बड़ा दिया था|  वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे उन्होंने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग से स्नातकोत्तर की डिग्री ली, इसके अलावा उन्होंने वॉयस ऑफ़ अमेरिका के लिए वॉयस ओवर आर्टिस्ट का काम किया| Larsen & Toubro के लिए मार्केटिंग प्रोफेशनल रहे, Escorts में स्टंट राइडर भी रहे| दूरदर्शन में उन्होंने 1982 में 10000 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए प्रवेश लिया I 20 वर्षों तक दूरदर्शन के साथ काम करने  के बाद उन्होंने वॉयस ओवर आर्टिस्ट के रूप में काम करने लगे इसके अलावा थिएटर, फिल्म्स इत्यादि में भी हाथ आजमाया|

 उन्होंने Studio Pindrop ई नामक दिल्ली का पहला डिजिटल स्टूडियो भी खोला है| इसके अलावा दिल्ली मेट्रो में होने वाली Please mind the gap!' अनाउंसमेंट में भी उन्ही की आवाज़ है, साथ ही रैपिड  मेट्रो रेल  गुडगाँव, मुंबई  मेट्रो, बैंगलोर  मेट्रो, हैदराबाद  मेट्रो  रेल  और जयपुर  मेट्रो  में होने वाली अनाउंसमेंट उन्ही की आवाज़ में रिकॉर्ड की गई है I 

                                                               

मंजरी  जोशी

4 .  मंजरी  जोशी - 19 मार्च को कानपूर में जन्मी मंजरी जोशी का भी समाचार वाचन में उल्लेखनीय योगदान रहा इन्होने केमिस्ट्री में स्नातक किया|  आजकल ये टीवी जर्नलिज्म के विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देती हैं|

 

                                                               

सुनीत टंडन

5 .  सुनीत टंडन - थोड़े समय में ही अपनी पहचान बनाने सुनीत टंडन 2007 तक दूरदर्शन से जुड़े रहे| इस समय वो इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर जनरल हैं इससे पूर्व वो लोकसभा टीवी के सीईओ रह चुके थे|

                                                                  

अविनाश कौर सरीन

6 .  अविनाश कौर सरीन - अविनाश कौर सरीन अपनी समकालीन अन्य समाचार वाचकों से अलग थी क्यूंकि उनके चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान और माथे पे एक बड़ी बिंदी रहती थी|

 

                                                                

सरला महेश्वरी

7 . सरला महेश्वरी - सरला महेश्वरी सादगी, संयम और अपने सटीक उच्चारण के लिए जानी जाती थी | 1976 में उन्होंने दूरदर्शन के साथ अपने करियर की शुरआत की थी 1982 से उन्होंने न्यूज़ रीडिंग का काम किया 1984  में शादी के बाद वो इंग्लैंड चली गई और वह कुछ समय तक बीबीसी के साथ काम किया| 1988 में वापिस आकर उन्होंने फिर से न्यूज़ रीडिंग का काम शुरू किया |

 

 

                                                              

शोभना जगदीश

8 . शोभना जगदीश - शोभना जगदीश ने दूरदर्शन की काफी प्रसिद्ध न्यूज़ रीडर रह चुकी हैं| काफी देर से दूरदर्शन में शामिल होने वाली  सोभना जगदीश ने काफी कम समय में दर्शकों को प्रभावित किया I 

 

                                                                     

वेद प्रकाश

9 .  वेद प्रकाश - वेद प्रकाश दूरदर्शन के जाने माने न्यूज़ रीडर थे| उन्होंने इसके अलावा वॉयस ओवर आर्टिस्ट के रूप में काम किया, कई मैगजीन्स और समाचार पत्रों में लेख लिखें| इसके अलावा उन्होंने स्टूडेंट टुडे के संपादक के रूप में भी काम किया I 

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