पी .सी. मुस्तफा- गरीब किसान के बेटे की करोड़पति बनने की उड़ान

By: Deepa, 2016-04-29 12:30:00.0Category:  आदर्श्
News Image

Image Credit : The Hindu

कहते हैं अगर होसला हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है, इसी बात को सच कर दिखाया पी.सी .मुस्तफा ने| एक झलक इनकी  6ठी क्लास में फेल  होने से लेकर 62 करोड़ के टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक बनने का सफर -

केरल के वयनाड गावं में  एक गरीब किसान के घर जनम लेने वाले पी सी मुस्तफा बचपन में सभी आधारभूत सुविधाओं से वंचित थे, माता पिता अनपढ़ थे और घर में पढाई का माहौल न होने के कारण वे 6ठी क्लास में फेल हो गए|  फेल हो जाने पे उन्हें खेतों में काम करना पड़ेगा ऐसा सुनके उन्होंने फिर से मेहनत करने का मन बना लिया और उसके बाद  कभी पीछे  मुड़के नहीं देखा |
कुछ वर्षों बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कालीकट में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए एडमिशन लिया और उसके बाद उन्हें  नौकरी के लिए मोटोरोला कमपनी द्वारा ब्रिटेन भेज दिया गया लेकिन इनका वहां  मन नहीं लगा और उन्होंने गल्फ देश  जाने का  मन बनाया वहां उन्होंने  दुबई और रियाद जैसे शहरों में सिटी बैंक के लिए 7 वर्षों तक काम किया लेकिन उन्हें अपने माता पिता के पास वापिस आना था साथ ही वो आगे की पढ़ाई भी करना चाहते इसलिए वो भारत वापिस आ गए और उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने आईआईएम बैंगलोर से एग्जीक्यूटिव एमबीए का कोर्स किया | कोर्स के दौरान ही उन्होंने खुद का बिज़नेस चलाने का मन बनाया और कुछ समय के लिए अपने चचेरे भाइयों की किराने की दुकान पर बैठने लगे और अपने खुद के बिज़नेस  को स्टार्ट करने के बारे में विचार करने लगे|

एक दिन जब वो किराने  की दुकान पे बैठे थे तो उन्होंने देखा की कुछ औरतें उनकी दुकान पे आकर रोज़ इडली और डोसा के लिए बैटर खरीद के ले जाती है उस बैटर की गुड़वत्ता खराब होने क वाबजूद वह हाथों हाथ बिकता था यही से शुरआत हुई उनके पैकेज्ड फ़ूड के बिज़नेस की जो की उन्होंने अपने 14 लाख की बचत से शुरू की थी | 2008 में उन्होंने 50 वर्ग फीट की एक किचन और एक ग्राइंडर खरीदा और बैटर की डिलीवरी स्कूटर के द्वारा उनके मलयाली समुदाय की किराना दुकानों में करने लगे, इसमें उनके भाइयों ने काफी मदद की | देखते ही देखते उनका उत्पाद हाथों हाथ बिकने लगा|
 
उनकी सफलता का मुख्य कारण ये था कि उनका उत्पाद 100 % प्रकतिक उत्पाद होता है वो इसमें किसी तरह के प्रिज़र्वेटिव्ज़ नहीं मिलाते हैं ताकि महिलाओं को ये एहसास रहे की उनका उत्पाद उनसे कोई प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं बल्कि उनकी मदद करने के लिए हैं |
2010 तक वह 2000 किलो बैटर प्रतिदिन के हिसाब से बेचने लगे और उनका सालाना आय 4  करोड़ तक पहुँच गई | उनकी कंपनी ID Special Foods Pvt Ltd इस समय बैंगलोर मैसूर, मंगलौर, चेन्नई, मुंबई, हैदराबाद, पुणे और शारजाह जैसे 8 नगरों में अपने उत्पाद को बेच रही है इस समय कंपनी  में 650 लोग काम कर रहे हैं और 10000 स्टोर्स में उनका उत्पाद बेचा जा रहा है|

उन्हें कुछ समय पहले ही Helion Ventures, नामक कंपनी से 35 करोड़ रू की फंडिंग मिली है और भविष्य में वो अपना बिज़नेस जिसका वर्तमान टर्नओवर 62 करोड़ रू है वो इससे अन्य 30 शहरों में फैलाना चाहते हैं साथ ही वो कुछ नवीन उत्पादों को भी लाना चाहते हैं जिसकी शुरुआत उन्होंने कर दी है |

होकलवायर असाइनमेंट

    Similar News