बैंकरप्सी बिल - विशेषताएं और सम्भावनाएं

By: Deepa, 2016-05-06 12:20:39.0Category:  जागरूकता
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बैंकरप्सी बिल लोकसभा में पास कर दिया गया है और राज्य सभा में इसके पास होने का इंतज़ार है |
वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि इस बिल के लागू होने से ना सिर्फ देश में निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। इस बिल का सबसे बड़ा लाभ ये होगा कि बैंकों कि जो 8000 रु. कि जो राशि सिस्टम में अटकी पड़ी है वो उन्हें वापिस मिल सकती है | इस बिल के अन्य विशेषताएं हैं :-

  1. वर्ल्ड बैंक सर्वे में इज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस में भारत की रैंकिंग सुधरने की सम्भावना रहेगी |
  2. किसी कंपनी को समाप्‍त करने के  बारे में 180 दिन के भीतर फैसला लेना होगा तथा  फास्‍ट ट्रैक अप्‍लीकेशन के मामले  में ये समय सीमा 90 दिन की है |
  3. कर्जदारों को अपने संम्पति को छिपाने  या  देनदारों के साथ धोखा दरी करने पर 5 साल की सजा का प्रावधान रखा गया है |
  4. इस बिल के आ जाने से सरकार को डिफॉल्टेरों से निपटने वाले 11 पुराने कानून से मुक्ति मिलने की भी सम्भावना है |
  5. इस  बि‍ल के पास होने से घाटे में चल रही कंपनि‍यों को बंद करना आसान हो जाएगा। साथ ही, नई कंपनी खोलने के नि‍यम सरल हो जाएंगे और रोज़गार बढ़ने में मदद मिलेगी |
  6. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्‍यूनल (एनसीएलटी) और डेट रिकवरी ट्रिब्‍यूनल (डीआरटी) जैसी इकाई इस बिल के अंतरगत रखी गई हैं |
  7. संसदीय कमेटी ने इस बिल के अंतर्गत इस बात को भी रखा है की यदि कंपनी दिवालिया होती है तो ऐसी स्तिथि में कंपनी की संपत्ति पे पहला अधिकार कर्मचारियों का है और संपत्ति के बिकने के बाद उस पैसे को कर्मचारियों की तनख्वाह देने में उपयोग किया जायेगा |
  8. इस बिल में इस बात को भी ध्यान में रखा गया है की कंपनी अपनी आर्थिक कठिनाइयों की पहचान जल्दी से कर लें ताकि उन्हें दिवालिया होने से बचाया जा सके |
  9. नए बैंकरप्सी बिल में इन्सॉल्वेंसी प्रोफेशनल्स का नेटवर्क स्थापित करने की एक निश्चित समयसीमा का प्रावधान है. 
  10. इस बिल के अंतर्गत दिवालिया  हो चुकी कंपनी की विदेशी संपत्ति को भी बेचा जा सकेगा और ये नियम भारत में काम करने वाली विदेशी कंपनियों पर भी लागू होगा | 

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