कचरा प्रबंधन - समय की मांग और हमारी प्रतिबद्धता

By: Deepa, 2016-05-12 13:29:43.0Category:  आदर्श्
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पर्यावरण की रक्षा करना हमारा सबसे बड़ा उत्तरदायित्व है खासकर जो शहरों में रहते हैं उनके लिए | दिन पे दिन शहरों की आबादी बढ़ती जा रही है साथ ही रोज़गार उत्पन्न करने के लिए उद्योगों में भी इज़ाफ़ा हो रहा है और हर तरह का बोझ बढ़ रहा है ऐसे में स्वच्छ वातावरण, स्वास्थ्य वर्धक सुविधाओं का उपलब्ध होना अत्यन्त कठिन है हम अपनी  तरक्की के बारे में तो सोचते हैं लेकिन इस तरक्की में हमने अपने  वातावरण को काफी पीछे छोड़ दिया है |

हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रकृति के साथ तारतम्यता बनाकर जीना है और उसी के मुताबिक अपनी जीनशैली को ढालना है। इसके लिए हमें कई कदम उठाने होंगे ऐसा ही एक कदम है  "कचरा प्रबंधन "|
कचरा निस्तारण, रीसायक्लिंग, कचरे से ऊर्जा उत्पादन इन सभी को कचरा प्रबंधन या वेस्ट मैनेजमेंट कहा जाता है। रीसायक्लिंग से कई उपभोक्ता वस्तुएं बाजार में दोबारा उपलब्ध हो जाती है जो कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में कमी ला रही है। कागज़ की रीसाइक्लिंग से जहाँ पेड़ों की कटाई में कमी आएगी वही जो कचरा घरों से निकला है उससे बायो कम्पोस्ट और मीथेन गैस में बदला जाता है जो की अच्छे खाद के रूप में उपयोग किये जातें हैं | इसके अलावा पर्यावरण के अनावशयक  दोहन से भी मुक्ति मिलती है | 

इसके लिए सरकार ने कई अभियान शुरू किये जैसे "निर्मल भारत अभियान"  निर्मल भारत अभियान का उद्देश्य  कचरा प्रवंधन के माध्यम से  ग्रामीणों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। ठोस एवं तरल कूड़ा-कचरा प्रबंधन गांव में पंचायतों के लिए आमदनी का एक साधन भी बन रहा है । ग्राम-पंचायतें स्थाई ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन परियोजनाओं को क्रियान्वित करने में समर्थ हो रही  ये योजना गावों को काफी लाभ दे रही है  यानि कचरा प्रबंधन से गावं स्वस्थ्य भी और संपन्न भी |

इसे अलावा हमे राजस्थान में भी कचरा प्रवंधन का एक अच्छा उद्धरण मिलता है|  यहां राजस्थान के मध्यप्रदेश सीमा से सटे जिले प्रतापगढ़ में अपनाई गई कचरा प्रवंधन प्रणाली काफी सफल है| यहां एक कचरा वाहन शुरू किया गया है जो कस्बे के प्रत्येक घर से कचरा इकट्‍ठा करने के लिए दिन के अलग-अलग समय में शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में घूमता है। इस कार्य का प्रबंधन देखने वाले एनजीओ सृजन सेवा संस्था की श्वेता व्यास बताती हैं कि इस वाहन से इकट्‍ठा किया गया कचरा शहर से कुछ दूर स्थित एक प्लांट पर ले जाया जाता है। जहाँ इसकी रीसाइक्लिंग की जाती है और बायो कम्पोस्ट वगैरा बनाया जाता है इसमें राज्य सरकार भी सहयोग कर रही है|

सरकार ने कचरा प्रवंधन की महत्ता को समझते हुए कचरा प्रबंधन प्रणाली (आईडब्‍ल्‍यूएमएस) पर एक वेब आधारित एप्‍लीकेशन www.iwms.nic.in को लॉन्‍च किया है |  पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह हानिकारक कचरे से वास्‍ता रखने वाले सभी उद्योगों को ऑनलाइन आवेदन करने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि  इस  एप्‍लीकेशन से हानिकारक कचरे की आवाजाही पर नज़र भी रखी जा सकेगी और इससे हानिकारक कचरे के समुचित प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।

इस प्रकार हम देखते है कचरा प्रवंधन समय की समुचित मांग है इससे ना केवल हम अपने पर्यावरण को साफ़ सुथरा रख सकते हैं बल्कि खुद को भी स्वस्थ्य रख सकते हैं |

होकलवायर असाइनमेंट

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