सती सरोवर का बिन पानी लुप्त होता अस्तित्व

By: रविंदर रावत, 2016-04-27 08:58:04.0Category:  Issues & Concerns
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होडल, 27 अप्रैल। चौबीसी के प्रमुख व ऐतिहासिक सती सरोवर का उचित रखरखाब न हो पाने के कारण जहां यहां के नागरिकों की धार्मिक भावना को भारी ठेस पहुंच रही है वहीं इसका स्वरूप भी धीरे- धीरे खोता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि भरतपुर के महाराज सूरजमल के साथ होडल चौबीसी के प्रमुख गांव पालडी के एक किसान चौ० काशीराम की लड़की किशोरी के साथ शादी होने पर महाराज सूरजमल ने हसनपुर रोड पर उनके लिए शादी एक महल, छतरी व तालाब का निर्माण कराया था जिसमें  महारानी होडल में आने पर रहती थीे। इस तालाब का महत्व उस समय और बढ़ गया जब यहां पर एक महिला के सती हो जाने पर उनकी याद में यहां पर सती के मन्दिर का निर्माण कराया गया था। क्षेत्र के लोगों की इसके प्रति इतनी आपार निष्ठा व श्रद्धा है कि प्रत्येक साल  माई दौज का मेला लगता है। इस मन्दिर के पास स्थ्ति तालाब के पानी में नहाते हैं व सर्दी ज्यादा होने पर अपने हाथ पैरों को धोते हैं। इस तालाब से ही पानी ले कर सती माता को भी नहलाते हैं। माता की पूजा अर्चना करने के बाद माता की प्रतिमा पर से घी को अपने शरीर पर लगाते हैं व उसको लगाने से किसी को भी कोई फोड़ा फूंसी नहीं होता है।  सबसे ज्यादा परेशानी प्रशासन द्वारा इस एतिहासिक सती सरोवर की ओर कोई भी ध्यान नहीं देने के कारण है बंसीलाल के शासनकाल में इस सती सरोवर के पुनर्निर्माण व इसके सौंदर्यकरण पर होडल के व्यापारियों द्वारा सहयोग प्रदान करने पर इस सती सरोवर के सभी घाटों की मरम्मत करके यहां पर तालाब के चारों ओर लाइटों के अलावा रंगीन फव्वारा भी लगाया गया था। बंसीलाल सरकार के शासनकाल में ही इस सती सरोवर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर इसमें विदेशी पर्यटकों को आर्किषित करने की योजना बनाई गई थी लेकिन उनकी सरकार के  गिर जाने के कारण इस सरोवर की ओर उचित ध्यान न देने के कारण जहां सरोवर की लाइटें एक- एक कर गायब हो चुकी हैं वहीं यहां पर लगाया गया रंगीन फव्वारा भी अपने स्थान से गायब हो चुका है। इस सरोबर का पानी भी इतना गन्दा हो चुका है कि उसमें से भारी बदबू उठ रही है। होडल के नागरिकों ने हरियाणा सरकार से यहां पर लगने वाले मेले के मद्देनजर तालाब के पानी को साफ  कराने की मांग की है। बता दें कि उप मंडल का ऐतिहासिक प्राचीन सत्ती सरोवर पिछले काफी वर्षों से सफाई के मामले में प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहा है जिसके चलते यहां लोग अपने घरों के धार्मिक अनुष्ठान सामग्री, चित्र, पूजा पाठ, हवन सामग्री के अलावा अन्य कई प्रकार के सामान को डाल कर जाते है। जिसके कारण सरोवर के आसपास आवारा जानवरों का जमघट लगा रहता था और सरोवर का पानी भी दूषित हो चुका था। सरकार को इस सरोवर को पुनः जीवित करने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए तथा प्रयास करने चाहिए ताकि गर्मी के मौसम में पक्षी भी पानी पि सकें और ये सती का सरोवर दोबारा से इस मेले और शहर को शोभा बड़ा सके और पर्यटकों को अपनी और ज्यादा से ज्यादा आकर्षित कर सके।  


सवांदाता और कैमरामैन  

रविंदर रावत

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