सिंहस्थ कुम्भ मेला 2016 की उज्जैन में शुरआत

By: Deepa, 2016-04-22 12:30:00.0Category:  उपकार
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कुंभ पर्व हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल- हरिद्वार, प्रयाग, उज्जैन और नासिक में स्नान करते हैं। इनमें से प्रत्येक स्थान पर प्रति बारहवें वर्ष इस पर्व का आयोजन होता है। हरिद्वार और प्रयाग में दो कुंभ पर्वों के बीच छह वर्ष के अंतराल में अर्धकुंभ भी होता है।

सिंहस्थ उज्जैन का महान स्नान पर्व है। बारह वर्षों के अंतराल में यह पर्व तब मनाया जाता है जब बृहस्पति सिंह राशि पर स्थित रहता है। पवित्र क्षिप्रा नदी में पुण्य स्नान की विधियां चैत्र मास की पूर्णिमा से प्रारंभ होती हैं और पूरे मास में वैशाख पूर्णिमा के अंतिम स्नान तक भिन्न-भिन्न तिथियों में सम्पन्न होती है।

पुराणों के अनुसार देवों और दानवों के सहयोग से सम्पन्न समुद्र मंथन से अन्य वस्तुओं के अलावा अमृत से भरा हुआ एक कुंभ (घडा) भी निकला था। देवगण दानवों को अमृत नहीं देना चाहते थे। देवराज इंद्र के संकेत पर उनका पुत्र जयन्त जब अमृत कुंभ लेकर भागने की चेष्टा कर रहा था, तब कुछ दानवों ने उसका पीछा किया। अमृत-कुंभ के लिए स्वर्ग में बारह दिन तक संघर्ष चलता रहा और उस कुंभ से चार स्थानों पर अमृत की कुछ बूंदें गिर गईं। यह स्थान पृथ्वी पर हरिद्वार,प्रयाग, उज्जैन और नासिक थे। इन स्थानों की पवित्र नदियों को अमृत की बूंदे प्राप्त करने का श्रेय मिला।

क्षिप्रा के पावन जल में अमृत-सम्पात की स्मृति में सिंहस्थ महापर्व उज्जैन में मनाया जाता है। अन्य  स्थानों पर भी यह पर्व कुंभ-स्नान के नाम से मनाया जाता है। कुंभ के नाम से यह पर्व 

अधिक प्रसिध्द है। 

    

(image Sources : kumbhmela2016.co.in,  indiapilgrimtours.com)

शुक्रवार सुबह मोक्षदायिनी शिप्रा में पहले अमृत स्नान के साथ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला सिंहस्थ कुंभ शुरू हुआ और यह एक माह तक चलेगा जंहा देश और दुनियाभर से लाखों लोगों के इस आयोजन में पहुंचने की उम्मीद है| सिंहस्थ कुम्भ के शुरूआती दौर में जूना अखाड़े के साधुओं ने  क्षिप्रा नदी में डुबकी लगायी | सभी 13 अखाड़े शाही  स्नान के लिए लोग  उज्जैन पहुँच गए हैं | सभी शाही स्नान की महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं -

सिंहस्थ कुम्भ महापर्व उज्जैन 2016 – प्रस्तावित स्नान तिथियां
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा – वैशाख शुक्ल पूर्णिमा, विक्रम संवत 2073

पर्व स्नान  निर्धारित तिथि (दिन)
पर्व का आरंभ स्नान  चैत्र शुक्ल 15, दिनांक 22 अप्रैल, 2016 (शुक्रवार)
व्रतपर्व वरुथिनी एकादशी व्रत वैशाख कृष्ण 11, दिनांक 3 मई, 2016 (मंगलवार)
स्नानपर्व  वैशाख कृष्ण 30, दिनांक 6 मई, 2016 (शुक्रवार)
स्नानपर्व अक्षय तृतीया  वैशाख शुक्ल 3, दिनांक 09 मई, 2016 (सोमवार)
शंकराचार्य जयंती वैशाख शुक्ल 5, दिनांक 11 मई, 2016 (बुधवार)
वृषभ संक्रान्ति पर्व  वैशाख शुक्ल 9, दिनांक 15 मई, 2016 (रविवार)
मोहिनी एकादशी पर्व वैशाख शुक्ल 11, दिनांक 17 मई, 2016 (मंगलवार)
प्रदोष पर्व वैशाख शुक्ल 13, दिनांक 19 मई, 2016 (गुरुवार)
नृसिंह जयंती पर्व वैशाख शुक्ल 14, दिनांक 20 मई, 2016 (शुक्रवार)
प्रमुख स्नान वैशाख शुक्ल 15, दिनांक 21 मई, 2016 (शनिवार)

 

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